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Saturday, June 8, 2019

आषाढ़ कृष्ण एकादशी



इस एकादशी को भगवान नारायण की  पूजा आराधना की जाती है|

कथा:
प्राचीन काल में अलकापुरी में राजा कुबेर के यहां हेम नामक एक माली रहता था| उसका कार्य नित्य प्रति भगवान शंकर के पूजन आरती के लिए मानसरोवर से फूल लाना था एक दिन उसे अपनी पत्नी के साथ स्वच्छंद बिहार करने के कारण फूल लाने में बहुत देर हो गई मैं दरबार में विलंब से पहुंचा इससे क्रोधित होकर कुबेर ने उसे कोढ़ी होने का श्राप दे दिया सबसे कुड़ी होकर हेमाली इधर-उधर भटकता हुआ 1 दिन देव योग से मार्कंडेय ऋषि के आश्रम में जहां पहुंचा| ऋषि ने अपने योग बल से उसके दुखी होने का कारण जान लिया| तब उसे उन्होंने योगिनी एकादशी का व्रत करने को कहा| व्रत के प्रभाव से हेम माली का कोड समाप्त हो गया और वह दिव्य शरीर धारण कर स्वर्ग लोक को प्रस्थान कर गया|
 





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                               श्री राधे  



जय माता की
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