यह भजन मुझे मेरी माँ ने सिखाया है
यह काफी सरल है और सुनने में बहुत अच्छा है|
यह काफी सरल है और सुनने में बहुत अच्छा है|
कृष्ण तुम फिर से आ जाना
हमारी गोल टोली में....
हमारी गोल टोली में....
सुना था एक दिन हमने,
कि तुम गौ चराते हो...
चराना आज भी होगा...
हमारी गोल टोली में....
कृष्णा तुम..........
कि तुम गौ चराते हो...
चराना आज भी होगा...
हमारी गोल टोली में....
कृष्णा तुम..........
कृष्ण तुम फिर से आ जाना
हमारी गोल टोली में....
सुना था एक दिन हमने,
कि तुम माखन चुराते हो...
चुराना आज भी होगा...
हमारी गोल टोली में....
कृष्णा तुम..........
हमारी गोल टोली में....
सुना था एक दिन हमने,
कि तुम माखन चुराते हो...
चुराना आज भी होगा...
हमारी गोल टोली में....
कृष्णा तुम..........
कृष्ण तुम फिर से आ जाना
हमारी गोल टोली में....
सुना था एक दिन हमने,
कि तुम रास रचाते हो...
रचाना रास भी होगा...
हमारी गोल टोली में....
हमारी गोल टोली में....
सुना था एक दिन हमने,
कि तुम रास रचाते हो...
रचाना रास भी होगा...
हमारी गोल टोली में....
कृष्णा तुम..........
कृष्ण तुम फिर से आ जाना
हमारी गोल टोली में....
सुना था एक दिन हमने,
कि तुम बंसी बजाते हो...
बजाना आज भी होगा...
हमारी गोल टोली में....
कृष्णा तुम..........
कृष्ण तुम फिर से आ जाना
हमारी गोल टोली में....
सुना था एक दिन हमने,
कि तुम बंसी बजाते हो...
बजाना आज भी होगा...
हमारी गोल टोली में....
कृष्णा तुम..........
धन्यवाद
श्री राधे
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